आज हम एक ऐसे विषय के बारे में चर्चा करने जा रहे हैं जो आजकल कोविड संक्रमण के दौर में बहुत ही आम हो गया है, और वह विषय है - "निमोनिया"।
निमोनिया एक बहुत ही गंभीर बीमारी है जो सीधे फेफड़े को संक्रमित करती है। निमोनिया में हमारे दोनों फेफड़ों के वायु कोष (Air Sacs) में मवाद (Pus) या तरल पदार्थ भर जाता है जिसकी वजह से हमें बलगम वाली खांसी, बुखार, ठंड लगने या सांस लेने में तकलीफ जैसी समस्याएं आ सकती है। बैक्टीरिया, वायरस और कई तरह के सूक्ष्म जीव निमोनिया के कारण बन सकते हैं।निमोनिया के बारे में थोड़ा विस्तार से जाने तो कई तरह के रोगाणु निमोनिया के कारण बन सकते हैं; जैसे कि बैक्टीरिया, वायरस, फफूंदी (Fungal) व परजीवी (Parasite) आदि। इनमें सबसे प्रभावशाली बैक्टीरिया और वायरस है जो हमारे सांसों द्वारा फेफड़े को संक्रमित करता है। आमतौर पर वायरल और बैक्टीरियल निमोनिया का फैलाव किसी संक्रमित व्यक्ति द्वारा खांसने और छींकने के पश्चात हवा में फैले ड्रॉपलेट्स के माध्यम से होता है। जबकि फंगल निमोनिया का संक्रमण एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति के बीच न होकर विभिन्न पर्यावरणीय घटको द्वारा होता है।वैसे तो इस संक्रमण से बचाव का कार्य हमारे शरीर का इम्यून सिस्टम करता है परंतु संक्रमण ज्यादा बढ़ जाने की स्थिति में हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता यानी इम्यून सिस्टम कमजोर हो जाती है। ऐसे में इस बीमारी से जुड़े खतरों और उनसे बचाव के तरीकों का हमें सदैव ध्यान रखना चाहिए।
रिस्क फैक्टर (Risk factor)-
निमोनिया के खतरे को देखे तो यह सबसे ज्यादा 15 साल से कम उम्र के बच्चों या 50 साल से अधिक आयु के लोगों को संक्रमित करता है। आज भी हमारे देश में 0-5 वर्ष की आयु तक के बच्चों में होने वाली मृत्यु का लगभग 18% निमोनिया के कारण ही होता है। यह बीमारी उन लोगों के लिए और भी खतरनाक हो जाती है जिन्हें हृदय या फेफड़े से संबंधित कोई बीमारी पहले से हो रखी हो या फिर जो लोग धूम्रपान करते हैं, वे इस बीमारी के प्रति काफी संवेदनशील हो जाते हैं। इसके अलावा जिन लोगों की कीमो थेरेपी चल रही हो उन लोगों के लिए भी निमोनिया का खतरा काफी बढ़ जाता है। साथ ही यह जानलेवा भी हो सकता है।निमोनिया के लक्षण-
इसके लक्षण सब लोगों में एक जैसे नहीं होते हैं। फिर भी कुछ सामान्य लक्षणों को हम इस प्रकार देख सकते हैं।
1. बुखार
2. बलगम वाली खांसी
3. पसीना और ठंड लगना
4. सांस लेने में तकलीफ (जब हम कोई काम या आराम कर रहे हो)
5. मितली या उल्टी होना
6. थकान महसूस होना
7. छाती में दर्द होना (इस दर्द खांसी और सांस लेने के दौरान काफी ज्यादा होना)
8. भूख ना लगना
कुछ लक्षण हमारे उम्र या स्वास्थ्य के अनुसार होता है, जैसे 5 साल या उससे कम आयु के बच्चों में तेजी से सांस लेने की प्रक्रिया और घरघराहट की आवाज आना। जबकि कुछ शिशुओं में कोई लक्षण न होने के बावजूद उल्टी, थकान या कुछ खाने-पीने में दिक्कत होना। इसके अलावा कुछ उम्र दराज लोगों में निमोनिया के कारण भ्रम जैसी स्थिति उत्पन्न हो जाती है और उनके शरीर का तापमान, सामान्य तापमान से कम हो जाता है।
इस आर्टिकल में हमने निमोनिया के कारण, उसके प्रकार और लक्षणों के बारे में जाना। इस बीमारी के रोकथाम, इलाज व टेस्टिंग आदि के संबंध में इस आर्टिकल के दूसरे भाग में चर्चा करेंगे।
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