गर्मियां शुरू हो गई है और साथ ही तेज धूप भी होने लगी है। ऐसे में गर्मियों में सूर्य की अल्ट्रावायलेट किरणों की वजह से सनबर्न और सनटैन होना आम बात है। इसके साथ ही चेहरे पर उम्र से पहले ही फाइन लाइन, झुर्रियां, त्वचा का फटना और कालापन भी आने लगता है। ऐसे में सूर्य की इस हानिकारक अल्ट्रावॉयलेट किरणों से बचाव का हमारे पास दो तरीका है, जिसे हम सनस्क्रीन तथा सनब्लॉक के नाम से जानते हैं।

वैसे तो सनस्क्रीन के बारे में हम सब जानते हैं परंतु सनब्लॉक के बारे में कम ही लोगों को जानकारी होती है। देखा जाए तो सनस्क्रीन हमारी त्वचा को बचाने रखने की एक केमिकल डिफेंस प्रक्रिया है तो वही सनब्लॉक अल्ट्रावॉयलेट किरणों से बचाने का फिजिकल तरीका है। इसे और गहराई से समझे तो सनस्क्रीन में ऑक्सीबेंजोन (Oxybenzone), पैरा-एमिनो बेंजोइक एसिड (Para-Amino Benzoic Acid-PABA) जैसे तत्व होते हैं, जो सूर्य की किरणों को अब्सॉर्ब (Absorb) अर्थात अवशोषित कर हमारी त्वचा की रक्षा करते हैं। जबकि सनब्लॉक जिसमें जिंक ऑक्साइड या टाइटेनियम डायऑक्साइड शामिल होते हैं, ये हमारी त्वचा पर एक अपारदर्शी परत के रूप में काम करते हैं और इस परत को पार कर सूर्य की किरणें आसानी से हमारी त्वचा तक नहीं पहुंच पाती।
यही वजह है कि कई लोकप्रिय ब्रांड सनब्लॉक तथा सनस्क्रीन का मिक्सचर तैयार कर मार्केट में अपना प्रोडक्ट उतारते हैं।
चूंकि हम अलग-अलग तरह की सनस्क्रीन लोशन का उपयोग करते हैं तो हमारा आज का यह लेख इसी सनस्क्रीन विषय पर आधारित है। आज के इस लेख में हम जानेंगे कि सनस्क्रीन लोशन क्या होता है, इसका सही चयन कैसे करें, इसके फायदे और नुकसान क्या-क्या है!! इसके साथ ही हम सनस्क्रीन लगाने के तरीके के बारे में भी बात करेंगे और यह भी जानेंगे कि अपने घर पर सनस्क्रीन कैसे बनाएं।
त्वचा के अनुसार अच्छा सनस्क्रीन कैसे चुने-
अगर त्वचा के हिसाब से हमें सनस्क्रीन का चुनाव करना हो तो कुछ बातों का खास ध्यान रखना जरूरी है। अच्छा सनस्क्रीन चुनते वक्त SPF (Sun Protection Factor) और PA (Protection Grade) को देखना समझदारी भरा कदम होता है। अगर SPF और PA को देखें तो;
PA- यह सनस्क्रीन की UV-A (Ultraviolet-A जो कि त्वचा को गहराई तक प्रभावित करता है) किरणों से बचाव की सुरक्षात्मक ग्रेडिंग को बताता है। जिस प्रकार हम कोई इलेक्ट्रॉनिक इक्विपमेंट खरीदते वक्त उस पर स्टार रेटिंग देखकर उसकी उपयोगिता का अंदाज़ा लगते हैं, उसी प्रकार इसमें भी एक प्लस (+) से लेे कर तीन प्लस (+++) के चिन्ह के माध्यम से इसकी ग्रेडिंग का पता चलता है। इनमें एक प्लस (+) कम सुरक्षा तथा तीन प्लस अधिकतम सुरक्षा का सूचक है।
SPF- PA की तरह यह भी सनस्क्रीन की सुरक्षात्मक ग्रेडिंग को बताता है, फर्क सिर्फ इतना है कि जहां पीए UV-A से सुरक्षा की ग्रेडिंग बताता है, तो वही एसपीएफ UV-B से हमारी सुरक्षा श्रेणी को प्रदर्शित करता है। यह UV-B किरणें त्वचा की बाहरी सतह को प्रभावित करती हैं। SPF को नंबर के माध्यम से प्रदर्शित किया जाता हैं, जैसे कि अगर SPF-15 है तो 93% सुरक्षा, SPF- 30 है तो 97% सुरक्षा, और यदि SPF-50 है तो लगभग 98% सुरक्षा देने की गारंटी प्रदान करती है।
इसके अलावा हमें अपनी त्वचा को ध्यान में रखते हुए, जैसे कि अगर स्किन ऑयली ( तैलीय त्वचा) है तो जेल (Gel) या Aqua based लोशन का इस्तेमाल करना चाहिए। कील-मुहांसे वाली त्वचा के लिए ऑयल फ्री सनस्क्रीन यानी SPF-50 ऑयल फ्री सेंसिटिव सनस्क्रीन, जिसमें Avobenzone और Oxybenzone नामक केमिकल हो, का प्रयोग करना चाहिए। नॉर्मल स्किन वालों की त्वचा से ऑयल नई निकलता है इसलिए वो क्रीम बेस्ड सनब्लॉक का इस्तेमाल कर सकते हैं। अगर आपकी त्वचा ड्राई (dry) है तो मॉइश्चराइजर बेस्ड सनस्क्रीन लगाए या फिर पहले मॉइश्चराइजर (moisturizer) लगाए और उसके बाद सनस्क्रीन अप्लाई करें। इसके साथ ही सेंसिटिव स्किन वाले लोग हाइपो एलर्जेनिक लिक्विड (Hypoallergenic liquid) सनस्क्रीन का इस्तेमाल करें और इस बात का भी ध्यान रखें कि यह ज्यादा खुशबूदार ना हो।
सनस्क्रीन लगाते वक्त इस बात का भी ध्यान रखें कि क्रीम बहुत ज्यादा मात्रा में न लगाएं और क्रीम को आंखों से थोड़ा दूर ही लगाए, अन्यथा आंख के संपर्क में आने पर इसमें मौजूद केमिकल आंखों में जलन पैदा कर सकता है। एक और महत्वपूर्ण बात अपने सनस्क्रीन को तेज हाथों से ना लगाकर बल्कि हल्के हाथ से मसाज करें। यह भी देखा गया है कि ज्यादातर लोग अपने हाथ, पैर, पीठ और शरीर के दिख रहे हिस्सों में तो सनस्क्रीन लगाते हैं लेकिनन, गर्दन, हथेली के पिछलेे हिस्सों आदि पर लगाना छोड़ देते है जबकि सूर्य के संपर्क में आने पर यह हिस्सा भी प्रभावित होता है। इसके अलावा यदि आपके त्वचा में किसी प्रकार की कोई समस्या है तो आप किसी स्किन स्पेशलिस्ट से संपर्क कर उसके द्वारा सुझाए गए प्रोडक्ट का इस्तेमाल कर सकते हैं।
(नोट - सनस्क्रीन से जुड़े फायदे, उसकी उपयोगिता, नुकसान एवं इसे लगाते समय किन-किन बातों का ध्यान रखना चाहिए, जैसे मुद्दों की चर्चा हम इस आर्टिकल के दूसरे भाग में करेंगे। आर्टिकल के दूसरे भाग को पढ़ने के लिए नीचे दिए लिंक पर क्लिक करें।)
https://healthbulletinwithalka.blogspot.com/2021/05/aakhir-kaun-si-sunscreen-hai-aapki-skin-ke-liye-best-bhag-2.html
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